सोनौली, महराजगंज।
सरहदी कस्बा सोनौली में इन दिनों कबाड़ कारोबार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय लोगों के बीच यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि कुछ कबाड़ गोदामों की आड़ में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक नगर पंचायत सोनौली के घनश्याम नगर वार्ड स्थित एसएसबी (पुराना) रोड पर तीन बड़े कबाड़ गोदाम संचालित हैं, जबकि जानकी नगर वार्ड नंबर-10 में भी एक गोदाम लंबे समय से सक्रिय बताया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का दावा है कि इन गोदामों से हर सप्ताह कई ट्रक कबाड़ भारतीय क्षेत्रों की ओर भेजा जाता है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब स्थानीय स्तर पर इतनी बड़ी मात्रा में कबाड़ उपलब्ध नहीं है, तो आखिर यह सामान कहां से आ रहा है। लोगों के बीच चर्चा है कि नेपाल के विभिन्न शहरों से कबाड़ लाकर सोनौली में डंप किया जाता है और फिर उसे भारतीय बाजारों तक पहुंचाया जाता है। इसी प्रक्रिया की आड़ में अवैध सामानों की तस्करी की आशंका भी जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन-रात चल रही इस गतिविधि पर संबंधित विभागों की निगरानी बेहद कमजोर दिखाई दे रही है। सीमाई क्षेत्र होने के बावजूद गोदामों की नियमित जांच नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है। लोगों ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है।
फिलहाल इस मामले में किसी प्रशासनिक
अधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सीमा क्षेत्र में कबाड़ कारोबार को लेकर बढ़ती चर्चाओं ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को कटघरे में ला खड़ा किया है।


