प्रयागराज
प्रयागराज। Allahabad High Court ने उत्तर प्रदेश धर्मांतरण कानून से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में एडीएम प्रशासन प्रयागराज के आदेश पर रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि अधिकारी ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई की।
मामला अनिल पंडित उर्फ मोहम्मद अहसान से जुड़ा है, जिन्होंने इस्लाम छोड़कर सनातन धर्म अपनाने के बाद हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि उन्होंने कानून के तहत निर्धारित सभी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन किया।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दंपति से अलग-अलग बातचीत की। पत्नी ने अदालत को बताया कि उसने अपनी मर्जी से विवाह किया है और दोनों खुशीपूर्वक साथ रह रहे हैं। उसने यह भी बताया कि वह सात माह की गर्भवती है।
खंडपीठ के न्यायमूर्ति Justice Ajit Kumar और न्यायमूर्ति Justice Indrajeet Shukla ने कहा कि शुरुआती पुलिस जांच में धर्म परिवर्तन पूरी तरह स्वैच्छिक पाया गया था और किसी प्रकार के दबाव या लालच का प्रमाण नहीं मिला।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल चार्जशीट दाखिल होने से किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। अदालत ने एडीएम को तीन सप्ताह में मामले पर दोबारा विचार करने का निर्देश देते हुए 9 अगस्त 2024 के आदेश को फिलहाल स्थगित कर दिया है।
साथ ही पुलिस को दंपति के वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप न करने का निर्देश भी दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 27 मई 2026 को होगी।


