सोनौली महराजगंज
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जहां दुनिया को नई तकनीकी उड़ान दे रहा है, वहीं साइबर अपराधियों ने भी इसे अपना सबसे खतरनाक हथियार बना लिया है। तकनीकी जगत में उस समय हड़कंप मच गया जब Google ने दुनिया के पहले AI-आधारित Zero-Day साइबर हमले का खुलासा किया।
बताया जा रहा है कि यह हमला इतना एडवांस था कि यह टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) जैसी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था को भी भेदने की क्षमता रखता था। हालांकि, गूगल की सुरक्षा टीम ने समय रहते खतरे को पहचान कर बड़े वैश्विक साइबर संकट को टाल दिया।
भारत में बढ़ा खतरा, कई सर्वर हुए धराशायी
गूगल की सतर्कता के बावजूद भारत में साइबर हमलों का असर देखने को मिला। राजधानी दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में स्थित कंपनियों के सर्वर पिछले 14 घंटे से प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई कंपनियों का अपने ही डेटा तक एक्सेस बाधित हो गया, जिससे कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इस दौरान लाखों की संख्या में संदिग्ध साइबर हमले रिकॉर्ड किए गए। हमलावरों ने AI की मदद से ऑटोमेटेड तरीके अपनाकर सर्वरों को निशाना बनाया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
प्रमुख वेबसाइटें रहीं निशाने पर
pratham24.in 12,000 से ज्यादा
raillive 7,400
niodev 6,100
chandranews 3,200
exportimport 2,000
साइबर अपराधियों ने कई महत्वपूर्ण डोमेन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार हमले किए। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक कुछ वेबसाइटों पर हजारों से लेकर लाखों तक “स्ट्राइक” दर्ज की गईं। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं और प्रभावित सर्वरों को बहाल करने का प्रयास जारी है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने इसे आने वाले समय के लिए बड़ा खतरा बताया है। उनका कहना है कि AI तकनीक जितनी तेजी से विकसित हो रही है, उतनी ही तेजी से साइबर अपराध भी आधुनिक होते जा रहे हैं। ऐसे में कंपनियों और आम यूजर्स को मजबूत पासवर्ड, मल्टी-लेयर सिक्योरिटी और नियमित डेटा बैकअप जैसी सावधानियां अपनानी होंगी।
सरकार और एजेंसियां अलर्ट
भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसियां और आईटी विभाग पूरे मामले की जांच में जुट गए हैं। प्रभावित कंपनियों को एडवाइजरी जारी कर सुरक्षा प्रोटोकॉल मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं आम लोगों से भी किसी संदिग्ध लिंक, ईमेल या फर्जी वेबसाइट से सावधान रहने को अपील की


