अधिशासी अधिकारी (EO) और ठेकेदार की लापरवाही से एक हफ्ते से जनता त्रस्त, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
सोनौली।
आदर्श नगर पंचायत सोनौली विकास के दावों के बीच अपनी बदहाली के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। स्थानीय प्रशासन और ठेकेदार की जुगलबंदी का खामियाजा यहाँ की आम जनता और राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। मामला कस्बे के मुख्य एसएसबी (SSB) रोड का है, जो पिछले एक हफ्ते से किसी नरक से कम नहीं लग रहा है। नगर पंचायत की घोर लापरवाही के चलते यह व्यस्त सड़क अब हादसों को खुला निमंत्रण दे रही है।
तस्वीरें बयां कर रही हैं बदहाली की दास्तान
तस्वीरों साफ देखा जा सकता है कि किस तरह से इस सड़क का कबाड़ा किया गया है:
सड़क का एक हिस्सा जाम: ठेकेदार द्वारा सड़क के एक बड़े हिस्से को मनमाने ढंग से ईंटों और बालू के ढेर से पाट दिया गया है, जिससे पैदल चलना भी मुहाल है।
दूसरी तरफ मौत का गड्ढा: बची-कुची कसर नाला निर्माण या मरम्मत के नाम पर पूरी कर दी गई। नाले के अंदर से सड़क को इस कदर तोड़ा गया है कि पूरी सड़क एक गहरे और खतरनाक नाले/गड्ढे में तब्दील हो चुकी है, जिसमें गंदा पानी ब रहा है।
ई-रिक्शा और राहगीर जान जोखिम में डालने को मजबूर है, इस संकरी और खतरनाक बची हुई जगह से रात के अंधेरे में ई-रिक्शा और राहगीर गुजरने को मजबूर हैं। जरा सी चूक और कोई भी बड़ा वाहन सीधे उस गंदे मलबे और नाले के गड्ढे में पलट सकता है। स्थानीय दुकानदारों और निवासियों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से स्थिति जस की तस बनी हुई है, लेकिन नगर पंचायत का कोई भी जिम्मेदार इस तरफ झांकने तक नहीं आया।
जनता का सवाल: कहाँ सो रहे हैं अधिशासी अधिकारी और ठेकेदार?
स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जनहित के कार्यों में इतनी लापरवाही क्यों बरती जा रही है? सड़क को दोनों तरफ से ब्लॉक करके ठेकेदार आखिर क्या साबित करना चाहता है? और सबसे बड़ा सवाल नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (EO) पर उठता है, जिनकी नाक के नीचे यह सब हो रहा है, लेकिन उन्होंने अभी तक ठेकेदार पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की।
मुख्य बिंदु जो खड़े करते हैं सवाल:
कार्यस्थल पर सुरक्षा के लिए कोई बैरिकेटिंग या चेतावनी बोर्ड क्यों नहीं लगाया गया?
एक हफ्ते से जनता परेशान है, तो अधिशासी अधिकारी ने अब तक ठेकेदार को नोटिस क्यों नहीं जारी किया?
यदि इस मार्ग पर कोई बड़ी दुर्घटना या जनहानि होती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा—मौन बैठे अधिकारी या मनमर्जी कर रहा ठेकेदार?
कस्बे की जनता ने जिलाधिकारी और उच्चाधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए तत्काल सड़क को दुरुस्त कराने और दोषी ठेकेदार व लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।





