भारतीय श्रद्धालुओं व पर्यटकों की सुरक्षा का मुद्दा पहुंचा काठमांडू, दूतावास और नेपाल सरकार को भेजा पत्र

 


नौतनवा महाराजगंज ।


भारत-नेपाल आपस में पड़ोसी देश होने के साथ ही दोनों देशों की एक संस्कृति,एक पुजा पद्धति है, हमारी भारतीय धार्मिक धर्मग्रंथों में उल्लेख और मान्यता के अनुसार दोनो देशों में प्राचीन काल से ही रोटी-बेटी का संबंध है, दोनों देश के ऋषि मुनियों के द्वारा स्थापित देवी-देवताओं का ऐतिहासिक तीर्थ स्थल दोनों देशों में विद्यमान हैं,दोनों देशों के धार्मिक जनता ज्ञानवर्धन एवं मोक्ष प्राप्ति के लिए बारहों मास एक-दुसरे देशों के तीर्थ स्थलों का दर्शन-पुजन हेतु आया-जाया करते हैं, नेपाल के कुछ असमाजिक तत्व वर्ष 2026 के प्रथम माह से हीं लगातार भारत के स्त्री-पुरुष तीर्थ यात्रियों और अन्य घुमने गए पर्यटकों के साथ दुर्व्यवहार-गाली-गलौज और आर्थिक शोषण कर भारत-नेपाल की सदियों पुरानी संबंध को नुकसान पहुंचाने जैसी कूकृत्य कर रहे हैं, इस अशोभनीय घटित घटनाओ का मोबाइल इत्यादी पर विडिओ-फोटो देखा जा रहा है, इस तरह की अमानवीय-अशोभनीय घटनाओ पर नेपाल सरकार पुरी तरह रोक लगाए इस विषय की लिखित "पत्र" भारतीय दूतावास कार्यालय काठमांडू नेपाल एवं माननीय प्रधानमंत्री श्री वालेंन्द्र शाह जी काठमांडू नेपाल के नाम से दो अलग-अलग "पत्र" नौतनवा हिन्दुधर्म गौशाला समिति के संरक्षक व समाजसेवी श्री ओमप्रकाश वर्मा जी व सोनौली के वरिष्ठ नेता व मनोनीत सभासद श्री प्रेम जायसवाल जी ने आज दिनांक 22 जून 2026 को नेपाल-भैरहवा पोस्ट आफिस रजिस्ट्री के माध्यम से भारतीय दूतावास के अधिकारीगण को व नेपाल सरकार को अवगत कराते हुए,सभी तरह के समस्याओ का जल्द समाधान करने की अपील किए हैं, ताकि भारत नेपाल दोनों देशों का मित्रवत संबंध अनन्तकाल तक जीवित रहे !



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