सोनौली (महराजगंज):
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनौली बॉर्डर से नेपाल जाने वाले विदेशी नागरिकों की आवाजाही सबसे अधिक होती है। ऐसे में यहां ठहरने वाले विदेशी नागरिकों का रिकॉर्ड रखना बेहद जरूरी माना जाता है, लेकिन सीमावर्ती क्षेत्र के कई होटल और लॉज संचालक नियमों की अनदेखी करते नजर आ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार स्थानीय खुफिया विभाग (एलआईयू) ने होटल व लॉज संचालकों की लापरवाही को लेकर अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कई होटल संचालकों ने अभी तक भारत सरकार के डिजिटल सी-फॉर्म पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है, जबकि विदेशी नागरिकों को ठहराने पर फॉर्म-सी भरना अनिवार्य है।
हाल के दिनों में नेपाल में चुनाव के चलते तीन दिनों तक बॉर्डर सील रहा, जिससे कई विदेशी नागरिक सोनौली में फंस गए। इस दौरान उन्हें होटल में कमरे नहीं मिल पाए, क्योंकि कई होटल संचालकों के पास फॉर्म-सी भरने के लिए आईडी और पासवर्ड ही नहीं था।
बताया जा रहा है कि जहां कुछ होटल संचालक तीसरे देश के नागरिकों को कमरा देने से बच रहे हैं, वहीं नेपाली और भूटानी नागरिकों के ठहराव की जानकारी भी कई स्थानों पर पोर्टल पर दर्ज नहीं की जा रही है। इससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए विदेशी नागरिकों की निगरानी और ट्रैकिंग मुश्किल हो रही है।
थाई बुद्ध विहार के मैनेजर राजेश शुक्ला ने बताया कि उनके संस्थान में आने वाले सभी विदेशी नागरिकों का विवरण ऑनलाइन सी-फॉर्म पोर्टल पर दर्ज किया जाता है। इसमें विदेशी नागरिक के भारत आगमन, ठहरने की अवधि और आगे की यात्रा तक की पूरी जानकारी भरना अनिवार्य होता है।
शासन की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि होटल, अस्पताल, गेस्ट हाउस और अन्य ठहरने के स्थानों के मालिकों द्वारा यदि डिजिटल सी-फॉर्म पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया जाता है, तो इससे विदेशियों का कोई आधिकारिक डेटा उपलब्ध नहीं हो पाता। इससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए विदेशी नागरिकों की ट्रैकिंग चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
खुफिया विभाग ने यह भी बताया है कि कई संस्थान अभी भी मैनुअल सी-फॉर्म के जरिए जानकारी भेज रहे हैं, जो अक्सर अधूरी और देर से प्राप्त होती है। वर्तमान समय में राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर विदेशी नागरिकों का डिजिटल रिकॉर्ड रखना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
इस मामले में क्षेत्राधिकारी नौतनवा अंकुर कुमार गौतम ने कहा कि सभी होटल और लॉज संचालकों के लिए फॉर्म-सी भरना अनिवार्य है। जल्द ही क्षेत्र के सभी होटलों की जांच कराई जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


