नेपाल काठमांडू
काठमांडू–पोखरा क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण में भारी अनियमितताओं के आरोप में नेपाल में बड़ा भ्रष्टाचार मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निवारण आयोग ने रविवार को विशेष अदालत में तत्कालीन पर्यटन सचिव केदार बहादुर अधिकारी सहित 21 व्यक्तियों और दो कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
आयोग ने इस मामले में कुल 461.584 मिलियन रुपये के जुर्माने की मांग की है। आरोपियों में संजीव गौतम (तत्कालीन महानिदेशक, नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण), महेंद्र सिंह रावल (उप महानिदेशक), बाबूराम पौडेल (परियोजना निदेशक) समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
अलग-अलग अधिकारियों पर करोड़ों की वसूली का दावा
आयोग ने संजीव गौतम, महेंद्र सिंह रावल, बाबूराम पौडेल सहित अन्य अधिकारियों से 89.5 मिलियन रुपये की वसूली की मांग की है। वहीं, राष्ट्रीय शिक्षा एजेंसी के पूर्व निदेशक ध्रुवदास भोछीभोया के निधन के बाद उनकी पत्नी यमुनादेवी श्रेष्ठ से 67.3 मिलियन रुपये मुआवजे की मांग की गई है।
लागत बढ़ाकर किया गया बड़ा खेल
आरोप पत्र के अनुसार:
परियोजना में सलाहकार नियुक्ति के नियमों का उल्लंघन किया गया
28 लाख डॉलर में नियुक्ति होनी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया
लागत को असामान्य रूप से बढ़ाकर 503.440 करोड़ से 696 करोड़ रुपये तक पहुंचाया गया
ईपीसी अनुबंध के बावजूद अलग बजट से भुगतान कर नियमों को दरकिनार किया गया
करोड़ों का गबन
आयोग का दावा है कि नियमों की अनदेखी करते हुए ईआरएमसी/ए-एनयूटी/स्लेट जेवी नामक कंसल्टेंट को 406.8 मिलियन रुपये से अधिक का भुगतान किया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।
यह मामला नेपाल के बहुचर्चित राष्ट्रीय गौरव परियोजनाओं में भ्रष्टाचार की एक बड़ी मिसाल बनकर सामने आया है, जिस पर अब विशेष अदालत में सुनवाई होगी।



