नेपाल से आने वाली मैत्री बस से हाइड्रोपोनिक वीड बरामद, तीन अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरफ्तार
एनडीपीएस एक्ट के तहत कस्टम व एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई, ड्रग्स की कीमत 6.26 करोड़ आंकी गई
सोनौली (महराजगंज)।
भारत-नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर पर कस्टम विभाग और एसएसबी की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। नेपाल के काठमांडू से दिल्ली जा रही भारत-नेपाल मैत्री बस से हाइड्रोपोनिक क्वालिटी के गांजे (वीड) की तस्करी करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 6 करोड़ 26 लाख रुपये बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार कस्टम और एसएसबी को गुप्त सूचना मिली थी कि मैत्री बस में कुछ यात्री मादक पदार्थ की तस्करी कर भारत ला रहे हैं। सूचना मिलते ही कस्टम अधीक्षक सुधीर कुमार, इंस्पेक्टर जाकिर हुसैन, लेखराज मौर्य तथा एसएसबी 22वीं वाहिनी के निरीक्षक प्रशांत कुमार सिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित कर सोनौली बैरियर पर सघन जांच अभियान चलाया गया।
शाम करीब 6:45 बजे नेपाल से भारत की ओर आ रही बस संख्या DL1PD6477 को रोककर तलाशी ली गई। जांच के दौरान दो पुरुष और एक महिला संदिग्ध पाए गए। पूछताछ में उन्होंने अपनी पहचान अजहरुद्दीन, हसमुद्दीन और शमा (सभी निवासी वजीरपुर, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली) के रूप में बताई।
सामान की तलाशी लेने पर उनके तीन बैगों से 12 सफेद प्लास्टिक पैकेट बरामद हुए। वजन करने पर कुल 6.862 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा) मिला। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे थाईलैंड से मलेशिया होते हुए हवाई मार्ग से काठमांडू पहुंचे थे और वहां से यह खेप दिल्ली ले जानी थी। उन्हें यह पैकेट थाईलैंड में सुल्ताना परवीन नामक महिला द्वारा दिए गए थे।
एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट सी. विवेक ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं सहायक आयुक्त सुधीर कुमार त्यागी ने कहा कि पकड़े गए लोग अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क से जुड़े प्रतीत होते हैं। तीनों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।
सीमा पर इस कार्रवाई से मादक पदार्थ तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में बड़ी सफलता मानी जा रही है।


