गोरखपुर।
बाल संरक्षण के मुद्दों पर कार्य करने वाली संस्था मानव सेवा संस्थान ‘सेवा’ की ओर से शनिवार को शहर के होटल प्रगति इन में मीडिया स्टेकहोल्डर्स मीट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर के वरिष्ठ मीडियाकर्मियों के साथ-साथ भारत–नेपाल सीमा क्षेत्र में कार्य करने वाले पत्रकार भी शामिल हुए। कार्यशाला का उद्देश्य बाल तस्करी, बाल श्रम और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए मीडिया और सामाजिक संस्थाओं की साझा भूमिका पर चर्चा करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रेस क्लब अध्यक्ष ओंकार द्विवेदी ने कहा कि बाल तस्करी और बाल श्रम जैसे गंभीर अपराधों को रोकने में मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। संवेदनशील और जिम्मेदार रिपोर्टिंग के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़ाई जा सकती है, जिससे प्रशासन भी ऐसे मामलों में अधिक सक्रिय होता है।
विशिष्ट अतिथि प्रेस क्लब उपाध्यक्ष धनेश कुमार ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बाल तस्करी की घटनाएं एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे में स्थानीय मीडिया की जिम्मेदारी है कि वह इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाए और समाज को जागरूक करे।
प्रेस क्लब के महामंत्री पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए मीडिया और सामाजिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। संयुक्त मंत्री महेंद्र गौंड ने कहा कि यदि मीडिया इस विषय पर लगातार रिपोर्टिंग करे तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। वहीं कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव ने भी बाल संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर व्यापक जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार मनी राम शर्मा, समाचार वाचक वेद प्रकाश पाठक, डॉ. मनोज कुमार मिश्र, अरुण तिवारी और सुनय पाण्डेय ने अपने विचार रखते हुए कहा कि बाल तस्करी, बाल श्रम और बाल विवाह जैसी समस्याओं के खिलाफ समाज को जागरूक करने में मीडिया की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम का संचालन प्रोजेक्ट मैनेजर धर्मेंद्र सिंह ने किया, जबकि संस्थान के कार्यकारी निदेशक पुरु मयंक त्रिपाठी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मीडिया के सहयोग से बाल अधिकारों की रक्षा के लिए चलाए जा रहे प्रयासों को और गति मिलेगी।
इस अवसर पर प्रांशु जार्ज, आलिया गुप्ता, रमेश चन्द्र त्रिपाठी, वरुण मिश्र, राम नरेश यादव, अखिलेश कुमार, प्रमोद कुमार चौधरी, गोमा वीसी, अर्जुन कुमार सहित सीमाई क्षेत्रों के मीडियाकर्मी और नेपाल सीमा से जुड़े पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



